BPSC Result: जहानाबाद की निकिता ने दूसरा रैंक हासिल किया और इससे उन्होंने एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया, रिजल्ट देखते ही परिवार में खुशी का उत्सव मनाया।

BPSC Result: जहानाबाद की निकिता ने दूसरा रैंक हासिल किया और इससे उन्होंने एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया, रिजल्ट देखते ही परिवार में खुशी का उत्सव मनाया।

छोटे शहर जहानाबाद में रह कर, शहर के ही डीएवी स्कूल से प्लस टू तक की पढ़ाई करने के बाद, बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर, निकिता कुमारी ने अपने जिले और परिवार के लिए गर्व का विषय बना दिया। जहानाबाद जिले की निकिता ने बीपीएससी की परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया है और उन्हें प्रशासनिक सेवा में स्थान मिला है। निकिता की मां एक गृहणी हैं, जबकि पिता अजय देव राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वे फिलहाल बीजेपी के जहानाबाद जिला अध्यक्ष हैं।

दो भाई-बहनों में निकिता सबसे छोटी है और वर्तमान में बिहार सरकार में ऑडिटर के पद पर कार्यरत हैं। वह अभी ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद गई हैं। निकिता ने बताया कि सिविल सेवा में जाना उनका सपना था से ही शुरू से ही। उनका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य था अपने नाम के साथ माता और पिता का नाम रोशन करना, इसलिए उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी की। निकिता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जहानाबाद के डीएवी स्कूल से प्राप्त की, और स्नातक की पढ़ाई के लिए पटना विश्वविद्यालय के जेडी विमेंस कॉलेज में प्रवेश लिया।

उन्होंने स्नातक पूरा किया और फिर सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली गई, लेकिन कोरोना महामारी के शुरू होने के कारण वह वापस जहानाबाद लौट आई। वर्तमान में वह जहानाबाद शहर में नहीं हैं, लेकिन हमारी टीम ने उनसे फोन पर बातचीत की, जिसमें वह बताई कि वह चाहती थी कि सिविल सेवा में चयन हो, लेकिन उन्हें यह कभी भी उम्मीद नहीं थी कि उनका रैंक दूसरा होगा। बीपीएससी के प्रतिभागियों के लिए निकिता ने सलाह दी कि इस प्रतियोगी परीक्षा के लिए तीन से चार साल तक का समय देना सही होगा।

अगर इन समय में उपलब्धि हासिल नहीं होती है, तो एक दूसरा रास्ता चुनना भी महत्वपूर्ण होता है। निकिता की सफलता से उनके माता-पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। निकिता के माता-पिता का मानना है कि वह शुरू से ही पढ़ाई में सच्ची मेहनत करती थी और क्लास में उनकी प्रशंसा होती थी। पिछली बार प्रशासनिक सेवा में सफलता प्राप्त नहीं होने पर, वह परेशानी का सामना कर रही थी। लेकिन इस बार, निकिता ने और भी ज्यादा मेहनत की, और उनके परिणाम सबके सामने हैं।

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